अन्ना हजारे नौ दिन से अनशन पर हैं और उनकी सेहत खराब ही होती जा रही है। बुधवार को रामलीला मैदान में राजनीतिक नेताओं की हलचल रही। बीजेपी के युवा सांसद वरुण गांधी सुबह-सुबह रामलीला मैदान पहुंच गए और अन्ना समर्थकों के बीच बैठ गए। कुछ ही देर बाद शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने भी अपना 'दूत' भेज दिया। उनकी ओर से संजय राउत चिट्ठी लेकर रामलीला मैदान पहुंचे। चिट्ठी में अन्ना से अनशन तोड़ने की अपील की गई है।
अन्ना हजारे और उनकी टीम के आह्वान पर आज भी मंत्रियों और सांसदों के घरों के बाहर धरना-प्रदर्शन जारी है। केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के घर के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा है।
ऐसी भी खबर है कि सिब्बल के घर के बाहर 30 लोगों को हिरासत में लिया गया है। देश भर में कई सांसदों और मंत्रियों के घर के बाहर प्रदर्शन और धरने का सिलसिला जारी है। रविवार को भी सिब्बल के घर को भी घेर लिया गया था। सिब्बल जन लोकपाल बिल के विरोध करने वाली सरकारी टीम के प्रमुख सदस्य माने जाते हैं।
तस्वीरों में देखें किस तरह कपिल-प्रणब-शीला के घर के बाहर से लोगो को हिरासत में लिया गया।
रामलीला मैदान में चल रहे आंदोलन में आहुति डालने देश के कोने-कोने से पहुंच रहे हैं हर वर्ग, हर उम्र व हर धर्म के लोग। विदेशी भी बन रहे हैं आंदोलन के गवाह।
पीएम मनमोहन सिंह के घर के बाहर आज करीब 80 लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इनमें से आधे लोगों को पुलिस ने वहां से हटा दिया है। जबकि आधे लोग पीएम हाउस के पास ही सफदरगंज रोड पर बैठे हैं। ये अन्ना की टीम से सरकार की ओर से बातचीत किए जाने के लिए पीएम से दखल देने की मांग कर रहे हैं। इन प्रदर्शनकारियों में एक संगीता दास, जो प. बंगाल के उत्तर 26 परगना जिले से आई हैं, का कहना है कि वह बातचीत की पहल किए जाने की मांग लोकर प्रदर्शन कर रही हैं।
शनिवार को पांचवे दिन भी अन्ना का अनशन जारी है। शनिवार को सुबह 10 बजे अन्ना हजारे रामलीला मैदान में अनशन के लिए तैयार मंच पर पहुंचे। मंच पर पहुंचकर अन्ना ने एक बार फिर अपना संकल्प दोहराया है कि जब तक लोकपाल पास नहीं हो जाता, वे लड़ते रहेंगे
तस्वीरों में देखे रामलीला मैदान में अनशन का पांचवा दिन।
अन्ना और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली में उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। बारिश के बावजूद लोग सड़कों पर उतरे और अन्ना की गिरफ्तारी के विरोध में नारेबाजी की। इस दौरान पुलिसकर्मियों से उनकी धक्का-मुक्की भी हुई। जैसे ही यह खबर फैली कि अन्ना को छत्रसाल स्टेडियम में लाया जा रहा है, दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रों सहित 8000 से अधिक लोग स्टेडियम पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर आठ बसें बवाना की तरफ रवाना की हैं जहां प्रदर्शनकारियों को बंद करने के लिए अस्थायी जेल बनाया गया है। देखिए अन्ना की गिरफ्तारी के बाद राजधानी का माहौल।
केंद्र सरकार द्वारा सिविल सोसायटी द्वारा तैयार किए गए लोकपाल बिल के ड्राफ्ट को दरकिनार किए जाने पर टीम अन्ना ने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस कांफ्रेंस की। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान टीम अन्ना के सदस्यों का गुस्सा साफ दिखाई दिया। तस्वीरों में देखिए गुस्से में टीम अन्ना।